UPPSC / UPSSSC · HINDI EDITION

गणित एवं रीजनिंग

अंकगणित, बीजगणित और तार्किक क्षमता

प्रारंभिक संस्करण · अध्यायवार विस्तार जारी

पुस्तक परिचय

गणित में सूत्र याद करने के साथ यह समझना जरूरी है कि किस परिस्थिति में कौन-सा सूत्र लागू होगा। प्रत्येक प्रश्न को चरणों में हल करें और इकाइयों पर ध्यान दें।

संस्करण: 05 नवम्बर 2026 · कवरेज: प्रारंभिक अध्याय प्रकाशित; पूर्ण पाठ्यक्रम होने का दावा नहीं।

विषय-सूची एवं अध्ययन क्रम

  1. प्रतिशत: मूल अवधारणा
  2. त्वरित पुनरावृत्ति
  3. अभ्यास प्रश्न
  4. स्रोत एवं आगे का अध्ययन

अध्याय 01 · प्रतिशत: मूल अवधारणा

अध्ययन उद्देश्य: मूल अवधारणाओं को समझना, प्रमुख शब्दों की पहचान करना और परीक्षा में पूछे जाने वाले तथ्यात्मक तथा अवधारणात्मक प्रश्नों का उत्तर देना।

1. प्रतिशत का अर्थ

प्रतिशत का अर्थ है प्रति सौ। किसी मात्रा का x प्रतिशत निकालने के लिए मात्रा को x/100 से गुणा करते हैं। उदाहरण: 240 का 25% = 240 × 25/100 = 60।

2. प्रतिशत को भिन्न और दशमलव में बदलना

20% = 20/100 = 1/5 = 0.20। 12.5% = 1/8। सामान्य प्रतिशतों को भिन्न के रूप में याद रखने से गणना तेज हो सकती है।

3. वृद्धि और कमी

किसी संख्या में r% वृद्धि के बाद नया मान = पुराना मान × (100+r)/100। r% कमी के बाद नया मान = पुराना मान × (100-r)/100। उदाहरण: 500 में 10% वृद्धि के बाद 550 होगा।

4. रीजनिंग की रणनीति

श्रृंखला में पहले अंतर, फिर अंतर का अंतर, गुणन/भाग, वर्ग या वैकल्पिक पैटर्न जाँचें। रक्त-संबंध, दिशा, क्रम और वर्गीकरण के प्रश्नों में दी गई सूचना का छोटा आरेख बनाना उपयोगी होता है।

त्वरित पुनरावृत्ति

x% = x/100 | वृद्धि के बाद मान = मूल × (100+r)/100 | कमी के बाद मान = मूल × (100-r)/100

पुनरावृत्ति करते समय परिभाषा, कारण/प्रक्रिया, उदाहरण और परीक्षा-उपयोगी तथ्य अलग-अलग नोट करें। जिन तथ्यों में समय के साथ बदलाव संभव है, उन्हें परीक्षा से पहले आधिकारिक स्रोत से पुनः जाँचें।

अभ्यास एवं स्व-मूल्यांकन

अध्याय पढ़ने के बाद बिना नोट्स देखे मुख्य अवधारणाएँ लिखें। फिर अपने उत्तर को अध्याय के तथ्यों से मिलाएँ।

नमूना प्रश्न: इस अध्याय का मुख्य अध्ययन-बिंदु क्या है?

उत्तर: प्रतिशत: मूल अवधारणा से संबंधित परिभाषाएँ, प्रमुख विशेषताएँ और उनके कारण/महत्व। अध्याय के तथ्यों को अपने शब्दों में समझाना अपेक्षित है।

पुनरावृत्ति प्रश्न: परीक्षा से पहले किन तथ्यों की जाँच करें?

उत्तर: स्थिर मूल अवधारणाएँ, प्रमुख उदाहरण और वे प्रशासनिक/समसामयिक तथ्य जिनमें बदलाव संभव है।

स्रोत एवं आगे का अध्ययन

यह अध्याय KAGZI द्वारा तैयार मौलिक व्याख्या है। तथ्य-जाँच के लिए विषयानुसार NCERT की आधिकारिक पाठ्यपुस्तकें, भारत सरकार के संबंधित मंत्रालय/विभाग, राज्य सरकार के आधिकारिक पोर्टल और परीक्षा आयोग की अधिसूचनाएँ प्राथमिक स्रोत मानें।

नोट: इस पुस्तक में किसी अनधिकृत कोचिंग पुस्तक या कॉपीराइटेड PDF की नकल नहीं की गई है। आधिकारिक PYQ का लेबल केवल सटीक परीक्षा-वर्ष और आधिकारिक प्रश्नपत्र स्रोत सत्यापित होने पर दिया जाएगा।